मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस ने अपना मैनिफेस्टो जारी किया, लेकिन यह घोषणा पत्र विवादों में घिर गया है। खासकर धारावी विधानसभा क्षेत्र के लिए किए गए वादों को लेकर कांग्रेस के गायकवाड़ परिवार को घेरा जा रहा है, जो पिछले 40 सालों से इस क्षेत्र में सत्ता में किसी न किसी रूप में सक्रिय रहा है।
धारावी, जहां कांग्रेस का एक कथित परिवार कभी विधायक, कभी मंत्री और कभी सांसद के रूप में शासन करता रहा, आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। ऐसे में कांग्रेस का यह मैनिफेस्टो आलोचनाओं के केंद्र में है।
विपक्ष का तीखा हमला
विपक्ष ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए सवाल उठाया है कि अगर 40 साल तक गायकवाड़ परिवार ने यहां राज किया, तो धारावी के लिए अब नए वादे करने की जरूरत क्यों पड़ी? एक विपक्षी नेता ने कहा, “यह मैनिफेस्टो महाराष्ट्र चुनाव के लिए नहीं, बल्कि धारावी चुनाव के लिए लिखा गया है। 40 साल के लंबे शासन के बाद भी अगर वादे अधूरे हैं, तो यह घोषणा पत्र खुद कांग्रेस के विफलताओं की स्वीकारोक्ति है।”
मैनिफेस्टो में क्या है?
मैनिफेस्टो में धारावी के पुनर्वास, स्वच्छता, जलापूर्ति, शिक्षा और रोजगार सृजन जैसे मुद्दों पर बड़े-बड़े वादे किए गए हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि ये वही वादे हैं जो पिछले चुनावों में भी किए गए थे और कभी पूरे नहीं हुए।
जनता की नाराजगी
धारावी के निवासियों ने कांग्रेस के मैनिफेस्टो पर गहरी नाराजगी जताई है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “अगर कांग्रेस ने 40 साल में इन वादों को पूरा कर दिया होता, तो आज ये झूठे वादे करने की जरूरत नहीं पड़ती। यह मैनिफेस्टो हमें यह याद दिलाने आया है कि हमारी समस्याएं दशकों से अनदेखी की गई हैं।”
गायकवाड़ परिवार पर सवाल
कांग्रेस के गायकवाड़ परिवार, जो धारावी की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहा है, अब सवालों के घेरे में है। लोग पूछ रहे हैं कि इतने लंबे शासन के बाद भी धारावी की समस्याएं क्यों जस की तस हैं?
चुनावी समीकरणों पर असर
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मैनिफेस्टो कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। एक तरफ यह धारावी के लोगों के लिए वादों की एक लंबी सूची पेश करता है, तो दूसरी तरफ यह उनके पिछले 40 साल के कार्यकाल की विफलताओं को भी उजागर करता है।
अब देखना यह होगा कि कांग्रेस इस मैनिफेस्टो के जरिए धारावी के लोगों का भरोसा जीतने में कामयाब होती है या यह मैनिफेस्टो उनके खिलाफ जनता के गुस्से को और बढ़ा देता है।


